Mother’s Day (Maa ka Din)

माँ , सोना है तू ,
मै शायद थोड़ी गन्दगी ,
अधूरा अलफ़ाज़ हु मैं ,
तू एक अनोखी बन्दगी।

एक झूठ सा हूँ मैं ,
मेरा सपना है तू ,
अतीत से अंत तक ,
सबसे अपना है तू ।

मैं खामोश नहीं , बस ,
कयी बातें मैं न बोल पाता ,
जीवन की हर ख़ुशी तुझे दूँ ,
ये ख्याल थोड़ा सा सताता ।

मैं शब्दों में तेरी खूबियां बयान न कर पाया ,
तभी कुछ ख्याल सा मेरे मन में आया ,
की ऐ ना समझ परिंदे ,
खुदा के बस का ना था ये ,
तभी उसने माँ को बनाया ।

(Had been a long time since the last post, but its mother’s day and she deserves a post atleast ! Happy Mother’s Day to every mother around the globe !💞)

(P.S.:- Yes mother’s day was yesterday)

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